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Fatehpur : फतेहपुर के किशुनपुर रामपुर-गुरुवल मार्ग पर सफर करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. रायपुर भसरौल, गुरुवल, अंजना भैरो, गढ़ीवा मझिगवां समेत 40 गांवों के लोग ध्वस्त सड़क की वजह से आवागमन की मुश्किल से जूझ रहे हैं. सुजानपुर नहर की पटरी पर बनी पक्की सड़क की धज्जियां उड़ चुकी हैं. सड़क पर कहीं भी तारकोल नहीं नजर आ रहा है.

रामपुर मोड़ से मदद अलीपुर, पहाड़पुर, रेवाड़ी, जालंधरपुर गांव होकर गुरुवल मौरंग खदान तक जाने वाली 12 किलोमीटर सड़क की एक साथ मरम्मत नहीं हुई. धर्मेंद्र दीक्षित, चंद्रमोहन निषाद, राममगन निषाद, आशीष सिंह, राजकुमार, दयाशंकर आदि ग्रामीणों का कहना था कि, गुरुवल गांव से लेकर किशुनपुर मुख्य मार्ग तक सड़क पर ईंट-पत्थर और धूल ही बची है. बीमार व्यक्तियों के साथ ही स्कूल-कालेज जाने वाले बच्चों को हर रोज खस्ताहाल सड़क की वजह से परेशानी उठानी पड़ती है.

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1984-85 में सड़क का निर्माण हुआ था. उसके बाद से जब भी मरम्मत हुई तो कभी तीन किलोमीटर मददअलीपुर तो कभी पहाड़पुर गांव तक मरम्मत के बाद पैचिंग करके छोड़ दिया गया. ग्रामीणों का कहना था मौरंग खदानों से प्रति वर्ष करोड़ों रुपये का राजस्व सरकार को मिलता है. उसके बाद भी सड़क मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है.

नेता और अफसर कर रहे अनदेखी

ग्रामीणों का आरोप था कि, यमुना तटवर्ती ग्राम पंचायतों व इनके मजरों को सीधे जोड़ने वाली प्रमुख सड़क की मरम्मत को लेकर नेता और अधिकारी दोनों ही संजीदा नहीं हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान गांव आने वाले राजनीतिक दल के लोग जल्द सड़क मरम्मत शुरू होने का भरोसा देते थे. उसके बाद महीनों बीत जाने पर भी काम नहीं शुरू हो सका.

समय पर नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस

रामपुर मोड़ से गुरुवल गांव तक सड़क खराब होने की वजह से वाहनों की रफ्तार थम गई. खदान से निकलने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर जाम की समस्या पैदा होती है. रास्ता खराब होने की वजह से गांवों तक एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती हैं. एंबुलेंस के जाम में फंसने व लेटलतीफी की वजह से कई मरीजों को परेशानी उठानी पड़ चुकी है.

रामपुर-गुरुवल मार्ग की मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है. समय-समय पर मार्ग की मरम्मत कराई जाती है. ओवरलोड वाहनों की वजह से सड़क जल्दी ध्वस्त हो गई है.
उमेशचंद्र विश्वकर्मा, जेई लोक निर्माण विभाग

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

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