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मध्यप्रदेश में किसान कर्जमाफी के मामले में शिवराज सिंह चौहान की सरकार घिर गई है, क्योंकि सरकार अभी तक यह कहती रही है कि कांग्रेस ने झूठ बोला है, कर्जमाफी हुई ही नहीं। मगर विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार ने माना है कि लगभग 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया है। सरकार के इस जवाब के बाद कांग्रेस उस पर हमलावर हो गई है और उसने मुख्यमंत्री चौहान व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए माफी मांगने की मांग की है। 

विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में बाला बच्चन ने जय किसान फसल ऋण माफी को लेकर एक सवाल पूछा था। उसका लिखित में जवाब देते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 51 लाख 53 हजार से ज्यादा किसान फार्म भरे थे। इनमें से प्रथम चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों के लिए 71 सौ करोड़ और दूसरे चरण में छह लाख 72 हजार से ज्यादा किसानों के लिए साढ़े चार हजार करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई।

कृषि मंत्री पटेल के इस जवाब पर सरकार को कांग्रेस ने घेरा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी पर पहले दिन से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया झूठ बोलते रहे हैं। इस झूठ की राजनीति का पर्दाफाश स्वयं शिवराज सरकार ने विधानसभा में कर दिया है और स्वीकार किया कि प्रदेश में प्रथम और द्वितीय चरण में कांग्रेस की सरकार ने 51 जिलों में 26 लाख 95 हजार किसानों का 11 हजार 6 सौ करोड़ रुपये से अधिक का ऋण माफ किया है। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से सफेद झूठ बोलने और गुमराह करने की घृणित राजनीति के लिए शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को तत्काल प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “सदन के पटल पर जो सच्चाई भाजपा सरकार ने स्वीकार की है, इससे शिवराज सिंह व भाजपा की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है और मेरे द्वारा पहले दिन से ही किसान ऋण माफी की जो संख्या और सूची दी जा रही थी, वह अंतत: सच साबित हुई है। भाजपा चाहे जितना झूठ बोल ले, लेकिन जो सच्चाई है वह इस प्रदेश की जनता जानती है और हमारे किसान भाई इसके गवाह हैं। इसी सच्चाई को सदन में भाजपा सरकार के कृषि मंत्री ने लिखित में स्वीकार भी किया है।”

कमल नाथ ने कहा कि इस सच्चााई को स्वीकार करने के बाद शिवराज सरकार को शेष किसानों की ऋण माफी की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए। इसके साथ ही विधानसभा में जो बहाना ऋण माफी योजना की समीक्षा का बनाया गया है, वह यह बताता है कि भाजपा और शिवराज सिंह किसानों के विरोधी हैं। कांग्रेस सरकार ने ऋण माफी की जो योजना बनाई थी, वह पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद ही तैयार की गई थी, जिसकी समीक्षा करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।

Source: IANS

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