Contact Information

Sector 19, Noida, Uttar Pradesh

We Are Available 24/ 7. Call Now.

उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras Gangrape case) में हुए कथित गैंगरेप मामले में सियासत चरम पर है. आगर की एफएसएल लैंब की रिपोर्ट में भी बड़ा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एफएसएल (FSL) की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है. तो वहीं इस मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का भी बड़ा बयान सामने आया है.  एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) को लेकर बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि मौत गले में लगी चोट की वजह से हुई है. एडीजी का कहना है कि मामले को जाति वादी एंगल देने की कोशिश की जा रही थी. पुलिस का कहना है कि अब ऐसे लोगों पर एक्शन लिया जाएगा. तो वहीं इस केस से जुड़े कई अहम बातें एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कही है.

# पीड़िता के भाई ने लिखित शिकायत की थी जिसमें उनके हस्ताक्षर थे. उसमें उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. इसका एक Video भी आया है.

# Video में पीड़िता और उसकी मां ने खुद घटना का ब्यौरा दिया था·

# Video में पीड़िता ने अपनी जीभ भी दिखाई है. जहां तक जीभ कटने या काटने की बात थी पुलिस ने तत्काल अभियोग पंजीकृत किया. पीड़िता को फौरन चिकित्सा सुविधा दिलाई.

# पीड़िता को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण तथा 25 तारीख को फॉरेंसिक लैब के लिए सारे सैंपल भेजे गए.

# इस बीच में 20 तारीख को जो मुख्य अभियुक्त था उसको गिरफ्तार किया गया. जब पीड़िता की स्थिति को देखते हुए उन्हें दिल्ली भी शिफ्ट कराया गया. मेडिकल रिपोर्ट में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने यह स्पष्ट किया है कि रेप की बात पहली बार पीड़िता के द्वारा 22 तारीख को बताई गई. उनके बयान के आधार पर सिर्फ तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई जिस.

# पीड़िता की मौत के बाद पोस्टमार्टम(Postmortem) दिल्ली में करा कर परिवार जनों के साथ मिलकर अंत्येष्टि कराई गई.

# मौत का वजह गले में लगी चोट बताई गई है. इस बीच विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट भी मिली. पीड़िता के साथ कोई रेप(Rape) नहीं हुआ था. उन्होंने थाने में आने के बाद कोई रेप की बात भी नहीं बताई थी. केवल मारपीट की बात बताई थी.

# Report में बताया गया कि जो सैंपल लिए गए उसमें शुक्राणु नहीं पाया गया है. इससे ये स्पष्ट होता है कि कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से जातीय तनाव पैदा करने के लिए इस तरह की चीजें करवाई गई.

# अब ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो प्रदेश में जातीय हिंसा भड़काना चाहते थे. मामले में जिसकी भी गलती हो, उसको बख्शा नहीं जाएगा.

# पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए CM Yogi Adityanath ने एसआईटी(SIT) का गठन किया था और उसमें गृह सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं.

Share If You Liked

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *