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Fatehpur: दहेज़ हमारे समाज को खोखली करने वाली सबसे बड़ी दीमक है. हैरानी की बात तो यह है,कि हमारे देश में दहेज़ से सम्बंधित कानून होने के बाद भी यहाँ पर दहेज़ लिया और दिया जाता है. आज भी बेटियों को दहेज़ के लिए प्रताड़ित किया जाता है. यहाँ तक की कभी-कभी या तो उनको मार दिया जाता है, या फिर वो खुद ही आत्महत्या कर लेती है. ऐसे में सरकार को दहेज़ सम्बंधित कानूनों को और कड़ा कर देना चाहिए.

इसी सन्दर्भ में दहेज़ के लिए प्रताड़ित कर महिला को जान से मारने का मामला सामने आया है, जिसमे न्यायाधीश पास्को प्रथम संजय कुमार सिंह(Sanjay Kumar Singh) की अदालत ने दहेज हत्या के इस मामले की सुनवाई की. इस दौरान महिला की हत्या के दोषी पति धर्मेंद्र अवस्थी (Dharmendra Awasthi)को 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई गयी है.साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है.

घटना हुसेनगंज थाने के लालीपुर गांव की है. यहां के युवक धर्मेंद्र अवस्थी(Dharmendra Awasthi) के साथ मलवां थाने के रावतपुर गांव के सोमदत्त तिवारी(Somdatt Tiwari) ने अपनी पुत्री रचना(Rachna) की शादी 15 मई 2016 को की थी, बताते हैं कि ससुराल के लोगों पर दो लाख दहेज के खातिर विवाहिता को जलाकर मार डालने का आरोप था. जिसके बाद पति धर्मेंद्र अवस्थी(Dharmendra Awasthi), मां श्यामा अवस्थी(Shyama Awasthi) व बहन गीताGeeta), सीता(Seeta) व एक अन्य अभियुक्त राघव(Raghav) पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था. मुकदमें के दौरान ही मृतका की सास श्यामा अवस्थी की मृत्यु हो गई और अभियुक्त गीता, सीता व राघव को जांच के दौरान पुलिस अधिकारी द्वारा हटा दिया गया था, जिन्हें फिर तलब किए जाने के लिए वादी का प्रार्थनापत्र उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. प्रार्थी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मणिप्रकाश दुबे(Madi prakash Dubey) व सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह भदौरिया(Devendra kumar singh bhadaoriya) ने बहस कर दलीलें पेश कीं, जिसमे दोषी पति को सजा सुनाई गयी है.

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

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