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Fatehpur : फतेहपुर के बहुआ, असोथर ब्लाक की ग्राम सभा में 44 साल से हो रही यमुना कटान के चलते किसानों की 13 हजार बीघा जमीन समाहित हो चुकी है. किसान न्याय की गुहार हर चौखट पर लगा चुके हैं. जमीन खोने का दर्द समेटे किसानों ने गुरुवार को प्रभावित गांव मैनाही डेरा में पंचायत लगाई. पंचायत के बाद किसानों ने सीएम (CM) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और डीएम (DM) अपूर्वा (Apoorva) सहित आला अफसरों के संज्ञान में मामला पोर्टल में डाला. किसानों ने मांग रखी कि यमुना की कटान रोकने के प्रबंध हो और बांदा जनपद की तरफ गयी जमीन की नाप करके मालिकाना हक दिलाया जाए.

मैनाही डेरा में आयोजित पंचायत में किसान मनमोहन, शिव मोहन सिंह, गजेंद्र सिंह, कर्मवीर सिंह, अरविद सिंह, सुनील सिंह, राजोल सिंह, रामसेवक सिंह, रामस्नेही सिंह, राजबहादुर सिंह, रामसजीवन, रणधीर, बलबीर सिंह, गुलाब सिंह, बबलू, राहुल सिंह, अवधेश सिंह, अवधपाल सिंह , राजू सिंह आदि का कहना था कि किसान हर वर्ष 1978 से हर वर्ष कटान में अपनी जमीन खोते जा रहे हैं. अब तक किसानों ने अपनी 13 हजार बीघे से ज्यादा जमीन खोयी हैं. किसान भूमिहीन को गया है. दूसरे जनपद के लोग जमीन का उपयोग कर रहे हैं. शासन और प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है. अब आरपार की लड़ाई का ही रास्ता बचा है. कहा कि, 9 अक्टूबर को जमीन पर कब्जा लेने जाएंगे.

ग्रामसभा कोर्राकनक के मजरे मैनाही, हड़ाही, कछवाहन डेरा, छोटी धोबिया, बड़ी धोबिया, डड़ियार, कोर्राकनक, ओनई आदि गांव के ग्रामीण मैनाही डेरा पहुंचे व सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि आठ अक्टूबर तक प्रशासन इस विषय में कुछ निर्णय लें. अन्यथा हम सभी किसान नौ अक्टूबर को यमुना उसपार जमीन में कब्जा लेने जाएंगे. साथ ही कहा कि, अगर हम में से किसी किसान को कुछ भी होता है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

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