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New delhi : दिवाली अगले सप्ताह मनाई जाएगी. इस प्रकाश के पर्व को पूरे देश में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. दिवाली पर जब हर चीज जगमग-जगमग कर रही होती है, तो इसमें वित्त से जुड़ी चीजें पीछे क्यों रहनी चाहिए.

अच्छी बात यह है कि इस आलेख के जरिए दिवाली पर अपने फाइनेंस को और बेहतर तरीके से मैनेज करने का मंत्र आपको मिल जाएगा और यकीन मानिए यह ज्यादा कठिन काम भी नहीं है. तो आइए जानते हैं कि फाइनेंस को मैनेज करने का तरीका क्या है?

पैसे को ऐसी जगह निवेश करें, जहां वह बढ़े और आपके लिए कारगर सिद्ध हो

ऐसे ही पड़ा हुआ पैसा ना आपके लिए अच्छा है, ना ही आपके फाइनेंस के लिए. इसमें वृद्धि हो और यह आपके लिए कारगर सिद्ध हो इसके लिए आपको इसे निवेश करना होगा. अपने लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के मुताबिक आप निश्चित रिटर्न और मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में निवेश के विकल्प को चुन सकते हैं. आपको इष्टतम परिणाम के लिए अपने धन को इन दोनों तरह के विकल्पों में निवेश करने की सलाह दी जाती है. निश्चित आय के लिए आप सावधि जमा, बॉन्ड्स इत्यादि को चुन सकते हैं.

दूसरी ओर, मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स के लिए आप ऐसे म्यूचुअल फंड और स्टॉक में पैसे लगा सकते हैं, जिनमें लंबी अवधि में महंगाई दर को मात देने वाला रिटर्न देने की क्षमता हो. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जब आप मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में पैसा लगाते हैं तो बढ़िया रिटर्न प्राप्त करने के लिए लंबी अवधि तक निवेश जारी रखना चाहिए. ऐसे में आपको बुनियादी रूप से मजबूत फंड्स/ स्टॉक्स में निवेश करना चाहिए.

आप पैसे से पैसे बनाने के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) की शुरुआत कर सकते हैं. यहां तक कि हर महीने एसआईपी के जरिए 1000 रुपये की छोटी सी रकम के निवेश पर दस साल में औसतन 10 प्रतिशत के रिटर्न से आप दो लाख रुपये से ज्यादा का फंड बना सकते हैं.

अपने बजट पर फिर से करे गौर

अपने बजट पर गौर करने और जरूरत के हिसाब से उसे सही दिशा देने के लिहाज से दिवाली बिल्कुल सही समय होता है. महामारी की वजह से आय पर असर पड़ने से लगभग हर घर का बजट हिल गया है. हालांकि, चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, लेकिन कोविड से पहले की स्थिति को हासिल करने के लिए अभी हम सभी को एक लंबा रास्ता तय करना है. ऐसे में हम सभी के लिए ऐसा बजट तैयार करना जरुरी है, जिसमें चाह की बजाय जरूरतों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. ऐसे में अपने बजट पर एक बार गौर कीजिए और उन संभावनाओं को तलाशिए कि आप कहां सुधार कर सकते हैं. आज की परिस्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि एक-एक रुपये अहम हैं. आपको ऐसे समय में अपने गैर-जरूरी खर्चों पर इस तरह से लगाम लगाकर रखने की जरूरत है कि आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो और बजट ना बिगड़े. छोटी-छोटी बचत भी लंबी अवधि में काफी कारगर सिद्ध हो सकती है.

बुरे कर्ज से बचिए

हर कर्ज बुरा नहीं होता है. आपके करियर की नई ऊंचाई देने वाली नई स्किल सीखने के लिए या किसी तरह की संम्पति के निर्माण के उद्देश्य से लिए गए लोन को अच्छा कर्ज माना जाता है. हालांकि, जीवनशैली से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लक्ष्य के साथ लिए जाने वाले लोन से आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं और यह बाद में आपके लिए काफी कष्टदायक साबित हो सकता है. डिजिटलीकरण की वजह से आजकल वैसे ही लोन लेना काफी आसान हो गया है. कुछ क्लिक और केवाईसी दस्तावेज के साथ आप मनचाही रकम हासिल कर सकते हैं.

इस तरह के लोन आपको प्रायः ज्यादा ब्याज दर पर मिलते हैं और इसके भुगतान के लिए आपको ज्यादा ईएमआई (EMI) देनी पड़ती है. इससे आपके फाइनेंस पर जोर पड़ता है और किसी तरह के डिफॉल्ट से आपके क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है. इससे जब आप भविष्य में किसी जरूरी काम के लिए लोन अप्लाई करते हैं तो आपको कर्ज नहीं मिलता है. अगर आप किसी भी हाल में पैसे चाहिए तो नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़िए और उस राशि के लोन को अवेल कीजिए, जिसका भुगतान आप आराम से कर सकते हैं.

निष्कर्ष

वित्तीय अनुशासन और बुद्धिमानी से भरे निवेश से आप रुपये-पैसों का प्रबंधन बढ़िया तरीके से करने की स्थिति में होते हैं. इस दिवाली वित्तीय आजादी हासिल करने के लिए नई शुरुआत कीजिए और एक और कदम उठाइए.

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

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