Contact Information

Sector 19, Noida, Uttar Pradesh

We Are Available 24/ 7. Call Now.

New delhi : भारत से 100 साल पहले चोरी कर कनाडा भेजी गई मां अन्नपूर्णा की मूर्ति वापस लाई जा चुकी है. मूर्ति को उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर में 15 नवंबर को स्थापित किया जाएगा.

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा (Suresh rana) और नीलकंठ तिवारी (Neelkanth tiwari) ने आज मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को नई दिल्ली में प्राप्त किया. केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी (Minakshi lekhi) और जीके रेड्डी (G.K. Reddi) ने यूपी सरकार को मूर्ति सौंपी.

इस मौके पर मीनाक्षी लेखी ने कहा कि एक समय था जब भारत की परंपराएं टूटे हुए घड़े के समान रिसरिस कर देश के बाहर जा रही थीं और आज उसको मरम्मत और मजबूत करके वापस संजोने का काम हो रहा है.

13 नवंबर को लखनऊ पहुंचेगी पुनर्स्थापना यात्रा

मां अन्नपूर्णा की पुनर्स्‍थापना यात्रा 13 नवंबर को लखनऊ पहुंचेगी. प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए यात्रा लखनऊ पहुंचेगी. यात्रा को यादगार बनाने के लिए विभिन्न तरह की तैयारियां की गई हैं. इसके तहत अलग-अलग स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता व श्रद्धालु फूलों की वर्षा करेंगे. इसके अलावा पंडितों द्वारा मंत्रोच्चारण व आरती करते हुए प्रसाद वितरण भी किया जाएगा.

मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को 15 नवंबर को वाराणसी में सीएम (CM) योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बाबा दरबार क्षेत्र में आगवानी कर स्थापित करेंगे. यह मूर्ति वाराणसी में बाबतपुर से कचहरी, अंधरापुल, मलदहिया, कमच्छा, भेलूपुर होते हुए दुर्गा मंदिर (दुर्गाकुंड) में रखी जाएगी. यहां से दूसरे दिन लंका और सोनारपुरा, मदनपुरा, गोदौलिया, ज्ञानवापी होते हुए बाबा दरबार में 15 नवंबर को पहुंचेगी. वाराणसी में पंद्रह नवंबर को एकादशी के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा.

कैसे मिली मूर्ति वापस?

यह मूर्ति 18वीं शताब्दी की है. माना जा रहा है कि इसे 1913 में काशी के घाट से चुराकर कनाडा भेज दिया गया था. वहां पर यह मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना यूनिवर्सिटी के संग्रह का हिस्सा थी. इस मूर्ति की वसीयत 1936 में नार्मन मैकेंजी ने करवाई थी और मूर्ति को गैलरी के संग्रह से जोड़ा गया था. यह मामला उस वक्त सामने आया जब इस साल गैलरी में एक एग्जीबिशन की तैयारी चल रही थी. इस दौरान एक कलाकार दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी और उन्होंने इस मुद्दे को उठाया. इसके बाद सरकार ने अपनी तरफ से मूर्ति की वापसी के प्रयास शुरु किए.

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

Share If You Liked

Leave a Reply

Your email address will not be published.