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Fatehpur : खराब मौसम में सुस्त पड़ी धान खरीद में किसानों को बड़ा झटका उस समय लगा जब नेफेड (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) और यूपीएसएस (UPSS) के 27 केंद्रों में तौल अचानक बंद कर दी गई. इन केंद्रों में तौल के लिए डेरा डाले किसान अब दूसरी राह देखने को मजबूर है. जिले में 22 हजार पंजीकृत किसानों में अभी तक मात्र 10 हजार किसानों का धान खरीदा गया है. ऐसे में 12 हजार किसान धान बेचने के लिए भटक रहे हैं.

सरकारी दर पर किसानों का धान खरीदने के लिए जिले में 82 केंद्र खोले गए थे. इन केंद्रों में धान की बिक्री करने लिए अब तक 22 हजार किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया. अव्यवस्थाओं के चलते धान खरीद इतनी सुस्त रही कि अभी तक मात्र 10 हजार किसानों के धान की तौल हो पाई है. आनलाइन टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों की मुश्किलें और बढ़ गईं. दो दिन से बारिश के चलते 70 प्रतिशत केंद्रों में तौल बंद चल रही है, और ऐसे समय में यूपीएसएस (UPSS) व नेफेड के 27 केंद्रों में तौल बंद हो जाने से पंजीयन कराए पांच हजार से अधिक किसान विकल्प की तलाश में लग गए है.

केंद्रों में धान डाले किसानों को लौटाया जा रहा है, जिसमें से तमाम किसान व्यापारियों को 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल में बेच रहे है. धान ले जाने की बात कहकर लौटा रहे

असोथर विकास खंड के वौंडर गांव के गोरे ने कहा कि वह नेफेड के केंद्र में 60 क्विंटल धान बेचने के लिए छह दिन से पड़े हुए है. यह था कि बुधवार को तौल होगी लेकिन उस दिन आनलाइन टोकन नहीं मिल पाया. अब प्रभारी यह कहकर लौटा रहे कि धान दूसरी जगह ले जाए केंद्र बंद हो गया है. जमलापुर के यूपीएसएस (UPSS) केंद्र से बड़ी संख्या में किसान लौटकर दूसरे केंद्र में पहुंच रहे है.

नेफेड व यूपीएसएस (UPSS) में तौल के लिए पहुंचे किसान विपणन व पीसीएफ (PCF) के किसी भी नजदीक के केंद्र में धान की बिक्री कर सकते है. भुगतान बकाया होने पर शासन ने इन केंद्रों में तौल बंद कर दी है.
अविनाश झा (Awinash jha), जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

लेख – टीम वाच इंडिया नाउ

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