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सोशल मीडिया इन दिनों अपने चरम सीमा पर है. आज हर व्यक्ति सोशल मीडिया (Social media) पर किसी ना किसी रूप में जुड़ा हुआ है. लोग अधिक से अधिक संख्या में पोस्ट पर लाइक कर अपने पसंदीदा बातों या किस्सों को वायरल कर फैला देते हैं. शायद बहुत कम लोग यहां बात जानते हो कि सोशल मीडिया पर दुनिया के कुल 50 फ़ीसदी आबादी है और ये अपने आप में ही एक बड़ा आंकड़ा है. दिन प्रतिदिन सोशल मीडिया पर लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. जब आप सोशल मीडिया की आती है तो सोशल मीडिया पर एक ऐसा तबका भी है जो राजनीति और भारत देश से जुड़े मुद्दों को अलग-अलग तरह से उठाता रहता है. सिर्फ इतना ही नहीं सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों के मन में भ्रांतियां और गलत धारणाएं व विचार फैलाने के लिए भी बहुत धड़ल्ले से हो रहा है हाल ही में और हाल ही में हुई बेंगलुरु की घटना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.
अब सोशल मीडिया से जुड़ा एक और विवाद सामने आया है जिसमें देश की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा नाम सामने आया है. हाल ही में अमेरिका (America) के एक प्रमुख अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट पर भारतीय राजनीतिक गलियारे और सोशल मीडिया की दुनिया में जंग छिड़ गई है. अमेरिकी अखबार में छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) फेसबुक (Facebook) और वाट्सऐप (Whatsapp) को नियंत्रित करते हैं. राहुल गांधी ने तो यार तक कह डाला कि भाजपा (BJP) और आरएसएस (RSS) फेसबुक और व्हाट्सएप का इस्तेमाल लोगों के बीच नफरत फैलाने के उद्देश्य से करते हैं. इसका जवाब देते हुए बीजेपी नेता एवं संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) ने पलटवार किया. बढ़ते-बढ़ते विवाद इतना बढ़ गया कि फेसबुक को इस मामले में सफाई देनी पड़ी.

क्या है इस रिपोर्ट में जिस पर हुआ विवाद?
अमेरिका के बड़े अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल (डब्लयूएसजे) में  ‘फेसबुक हेट-स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स’ हेडिंग से प्रकाशित रिपोर्ट से ही यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है. दरअसल रिपोर्ट में दावा किया गया कि फेसबुक भारत में सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं के भड़काऊ भाषा के मामले में नियम कायदों में ढील बरतता है. अमेरिकी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का जवाब देते हुए फेसबुक कर्मचारियों का कहना था कि भारत में ऐसे कई लोग हैं जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाते हैं.

फेसबुक कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वर्चुअल दुनिया में नफरत वाली पोस्ट करने से असली दुनिया में हिंसा और तनाव बढ़ता है.
इस रिपोर्ट में तेलंगना के भाजपा सांसद टी राजा सिंह की एक भड़काऊ पोस्‍ट का जिक्र किया गया है. भाजपा सांसद की पोस्ट में मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा की वकालत की गई है. डब्लयूएसजे में प्रकाशित रिपोर्ट को फेसबुक के कर्मचारियों से बातचीत के हवाले से लिखा गया है. अमेरिकी अखबार से बातचीत में फेसबुक कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने टी राजा सिंह की पोस्‍ट का विरोध किया था और इसे कंपनी के नियमों के खिलाफ माना था, लेकिन कंपनी के भारत में उच्च स्तर पर बैठे फेसबुक अधिकारियों ने इस पर कोई निर्णायक कार्यवाही नहीं की थी.

आपको बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब फेसबुक का नाम किसी राजनीतिक पार्टी को और उसके विचारों को बढ़ावा देने के लिए सामने आया है. इस मामले से पहले भी अमेरिका में ही फेसबुक को लेकर सवाल खड़े हुए थे. गौरतलब है कि अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने उन पांच बातों के उल्लेख के साथ एक रिपोर्ट में बताया था कि फेसबुक के नेटवर्क और डेटा का इस्तेमाल डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी मुहिम को बढ़ावा देने के लिए किया गया था.

इस विवाद पर फेसबुक की सफाई
भाजपाइयों की पोस्ट कार्रवाई न करने के मामले में फेसबुक ने अपना बयान जारी किया है. रविवार को फेसबुक में कहा, “हम हेट स्पीच और ऐसी सामग्री पर बंदिश लगाते हैं जो हिंसा को भड़काता है या फिर भड़का सकता है. केवल भारत ही नहीं हम इस नीति को वैश्विक स्तर पर लागू करते हैं. हम किसी की राजनीतिक स्थिति या पोस्ट करने वाला जिस भी पार्टी से नेता संबंध रख रहा, नहीं देखते हैं.” इसके बाद फेसबुक के प्रवक्ता ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि इस क्षेत्र में (हेट स्पीच और भड़काऊ कंटेंट को रोकने) और ज्यादा काम करने की जरूरत है और हम इस पर काम करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट भी करते हैं.”

भाजपा कांग्रेस एक बार फिर से आमने-सामने
अमेरिकी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद भारत में राजनीति गरमा गई है. बिन मुद्दों के अपनी बातों को बयान कर रही कांग्रेस जो हर वक्त नए मुद्दों की तलाश में है ताकि वह भाजपा को पूरी तरह से घेर सके और एक बार ऐसा ही हुआ. इस रिपोर्ट के सामने आते ही कांग्रेस पूरी तरह से भाजपा पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए ट्वीट मैं जहां बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी. इसके बाद राहुल गांधी पर पलटवार करते और उनकी बातों का जवाब देते हुए रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया, “पराजित लोग जो स्वयं अपनी पार्टी में भी लोगों को प्रभावित नहीं कर सकते वे इस बात का हवाला देते रहते हैं कि पूरी दुनिया को बीजेपी-आरएसएस नियंत्रित करती है.” राहुल गांधी पर सीधे तौर से निशाने साधते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वो कहते रहते हैं कि पूरी दुनिया बीजेपी, आरएसएस से नियंत्रित है. “भारत में चुनाव से पहले डेटा को हथियार बनाते हुए खुद रंगे हाथ पकड़े गए थे. कैंब्रिज एनालिटिका, फेसबुक से आपका गठजोड़ पूरी दुनिया के सामने आया था और ऐसे लोग आज बेशर्मी से दूसरों पर सवाल खड़े करते हैं.”, रविशंकर प्रसाद ने लिखा.
इसके आगे रविशंकर प्रसाद ने कहा, “तथ्य यह है कि आज लोगों को सूचना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. यह अब आपके परिवार द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है और इसीलिए आपको दुख होता है. खैर जब बेंगलुरु में हिंसा हुई तब आपने हिंसा की निंदा नहीं की. तब आपकी हिम्मत कहां चली गई थी.”

राहुल गांधी पर पलटवार होता देख कांग्रेस के प्रवक्ता भी हरकत में आए और उन्होंने रविशंकर प्रसाद को जवाब देते हुए लिखा, “ऐसा लगता है कि झूठे ट्वीट और झूठा एजेंडा ही एकमात्र रास्ता बन गया है. कांग्रेस ने कभी कैम्ब्रिज एनेलिटिका की सेवाएं नहीं लीं.” रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि भाजपा कैम्ब्रिज एनेलिटिका की क्लाइंट रही है और पूछा कि कानून मंत्री यह क्यों नहीं बताते. भाजपा करती है फेसबुक का इस्तेमाल, अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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